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नैनीताल: नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने जल जीवन मिशन योजना में हो रही देरी को लेकर बुधवार को एक समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में देरी हो रही है। डीएम ने स्पष्ट किया कि अगर काम की गति और गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भीमताल, हल्द्वानी और रामनगर के कार्यों की प्रगति की समीक्षा
बैठक के दौरान डीएम ने जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों से पहले और दूसरे चरण के कामों की प्रगति का जायजा लिया। भीमताल क्षेत्र की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया, जहां 76 योजनाओं में से 59 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। डीएम ने जनप्रतिनिधियों से फोन पर संपर्क कर इन कार्यों की गुणवत्ता को भी सत्यापित किया।
ठेकेदारों की लापरवाही पर सख्त कार्यवाही के आदेश
हल्द्वानी में जल जीवन मिशन योजना के काम में देरी पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की और ठेकेदारों को चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वालों के अनुबंध निरस्त कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिना उचित कारणों के एक्सटेंशन देने की प्रथा को बंद किया जाएगा और ठेकेदारों की देरी से सरकार को हो रही वित्तीय हानि की वसूली की जाएगी।
जल सत्यापन के लिए 15 नवंबर की समय सीमा
डीएम ने जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में जल सत्यापन के लिए 15 नवंबर की समय सीमा तय की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस सत्यापन प्रक्रिया को खुली चौपालों और बैठकों के माध्यम से तेज किया जाए, ताकि हर घर तक स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
लापरवाह ठेकेदारों पर गिरेगी गाज
डीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि जो ठेकेदार अपने कार्यों में देरी कर रहे हैं, उनके अनुबंधों को तत्काल निरस्त किया जाएगा। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को हर कार्य की बारीकी से समीक्षा और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।


