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कन्नौज पुलिस लाइन में प्रशिक्षु महिला सिपाही ने की आत्महत्या, प्रेम प्रसंग का शक, जांच में जुटी पुलिस

भारत न्यूज़ लाइव

कन्नौज: जिले की रिजर्व पुलिस लाइन में उस समय हड़कंप मच गया जब शुक्रवार को छात्रावास की पहली मंजिल पर बने एक बॉथरूम में प्रशिक्षु महिला सिपाही ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान 24 वर्षीय रानू जादौन के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जनपद एटा के जलेसर कस्बे के मोहल्ला हथौड़ा की निवासी थी। उसका शव दुपट्टे से बने फंदे में टॉवेल हैंगर से लटका हुआ पाया गया।

रानू हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुई थी और फिलहाल कन्नौज जिले में नियुक्त थी। वह एक माह के जेटीसी (जॉइनिंग ट्रेनिंग कोर्स) प्रशिक्षण के लिए पुलिस लाइन स्थित छात्रावास में ठहरी हुई थी। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस प्रेम-प्रसंग समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

तबीयत खराब बताकर परेड से लौटी थी रानू

शुक्रवार सुबह रानू ने अन्य महिला सिपाहियों के साथ प्रशिक्षण और परेड में हिस्सा लिया था, लेकिन कुछ देर बाद उसने तबीयत खराब होने की बात कहकर वापस छात्रावास लौटने की अनुमति ले ली। दोपहर में जब उसकी रूममेट आरक्षी शिवानी जादौन भोजन के समय कमरे पर पहुंची तो उसे स्तब्ध करने वाला दृश्य देखने को मिला।

रानू का शव छात्रावास के बाथरूम में दुपट्टे के सहारे टॉवेल हैंगर से लटका हुआ था। यह देखकर शिवानी घबरा गई और तत्काल प्रतिसार निरीक्षक सुखवीर सिंह को सूचना दी। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की

कुछ ही समय में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, सिटी सीओ अभिषेक प्रताप अजेय, तिर्वा सीओ डॉ. प्रियंका वाजपेयी, और सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने शव को फंदे से नीचे उतरवाया और पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों ने मौके पर ही रानू को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने रानू का मोबाइल फोन और कमरे से मिले कुछ दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लगता है, और इसके पीछे व्यक्तिगत कारण हो सकते हैं।

प्रेम प्रसंग की चर्चा, परिजनों को दी गई सूचना

सूत्रों के अनुसार, रानू पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थी और अपने रूममेट से भी बहुत कम बातचीत कर रही थी। माना जा रहा है कि वह किसी प्रेम प्रसंग में उलझी हुई थी, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है और कहा है कि मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

घटना की सूचना मिलने पर परिजन भी सदमे में हैं और जिला अस्पताल पहुंच चुके हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षित रखवा दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

‘कोई बात हो तो मेरे भाई को फोन कर देना’ – रानू के आखिरी शब्द

इस घटना से पहले रानू ने अपनी रूममेट शिवानी को अपने भाई का मोबाइल नंबर दिया था और कहा था, “कोई बात हो तो मेरे भाई को फोन कर देना…”। शिवानी, जो स्वयं भी एटा के जलेसर की निवासी है, ने इस बात को उस समय गंभीरता से नहीं लिया। दोनों साथ ही पुलिस में भर्ती हुई थीं और प्रशिक्षण के दौरान एक ही कमरे में रहती थीं।

शिवानी के अनुसार, रानू पिछले तीन दिनों से तनाव में थी और बार-बार तबीयत खराब होने की बात कहती थी। वह 16 जुलाई को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद घर जाने की योजना बना रही थी। उसे यह अंदाजा भी नहीं था कि रानू ऐसा कठोर कदम उठा लेगी।

प्रशिक्षणरत 552 आरक्षियों में 111 महिलाएं शामिल

गौरतलब है कि हाल ही में पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत कन्नौज जिले में 552 आरक्षियों को नियुक्त किया गया है, जिनमें 111 महिलाएं और 441 पुरुष सिपाही शामिल हैं। महिला सिपाहियों को रिजर्व पुलिस लाइन के हॉस्टल में रखा गया है, जबकि पुरुष सिपाहियों को जसोदा स्थित राजकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज में ठहराया गया है।

सभी नव नियुक्त सिपाहियों को वर्दी वितरित की जा चुकी है और उनके वेतन खाते भी खुलवाए गए हैं। जेटीसी प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद इन्हें सात माह की अवधि के लिए गैर जनपद में पूर्णकालिक प्रशिक्षण पर भेजा जाएगा।

मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन

एसपी विनोद कुमार ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है। रानू के मोबाइल फोन और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि आत्महत्या के पीछे का सही कारण स्पष्ट हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

प्रशिक्षु महिला सिपाही रानू जादौन की आत्महत्या की यह दुखद घटना न केवल पुलिस विभाग के लिए बल्कि समाज के लिए भी चिंता का विषय है। यह घटना मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित करती है, विशेषकर उन युवाओं के लिए जो नई जिम्मेदारियों को संभाल रहे हैं। पुलिस प्रशासन से उम्मीद है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर परिजनों को न्याय दिलाया जाएगा और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।

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