
एडिटर , भारत न्यूज लाइव
देश भर में करवा चौथ का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया, जिसमें सुहागिन पत्नियों ने अपने पतियों की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सबसे पहले देवी पार्वती ने यह व्रत भगवान शिव के लिए रखा था, जिससे उन्हें अखंड सौभाग्य की प्राप्ति हुई। तभी से सुहागिन महिलाएं यह व्रत अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए करती आ रही हैं।
इस व्रत से जुड़ी एक प्राचीन कथा के अनुसार, एक बार देवताओं और राक्षसों के बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया, जिसमें राक्षस विजयी हो रहे थे। तब ब्रह्मा जी ने देवताओं की पत्नियों से करवा चौथ का व्रत रखने को कहा। कार्तिक माह की कृष्ण चतुर्थी को जब सभी देवियों ने व्रत रखा, तब देवताओं की विजय हुई। माना जाता है कि तभी से इस व्रत की परंपरा शुरू हुई।
इसके अलावा, महाभारत काल में द्रौपदी ने भी पांडवों को कष्टों से मुक्ति दिलाने के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था। इसी धार्मिक मान्यता के अनुसार, महिलाएं चौथ माता से अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय जीवन की कामना करती हैं।


