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उत्तराखंड आबकारी विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 12 अधिकारियों के तबादले

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उत्तराखंड आबकारी विभाग में हुए नवीनतम प्रशासनिक फेरबदल पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है। राज्य सरकार ने एक बार फिर विभाग के अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिसमें कुल 12 अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। आबकारी विभाग में इस प्रकार के स्थानांतरण प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।

आबकारी विभाग में तबादलों की सूची जारी

उत्तराखंड शासन के प्रमुख सचिव आबकारी एल. फैनेई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आबकारी विभाग में संयुक्त आबकारी आयुक्त, उप आबकारी आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी और सहायक आबकारी आयुक्त स्तर के अधिकारियों की नई जिम्मेदारियाँ तय की गई हैं। इस फेरबदल में विशेष रूप से संयुक्त आबकारी आयुक्त के. के. कांडपाल को कुमाऊं मंडल के साथ नैनीताल हाईकोर्ट में विभाग की पैरवी की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अतिरिक्त, उप आबकारी आयुक्त विवेक सोनिकिया को उधम सिंह नगर परिक्षेत्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। यह क्षेत्र आबकारी विभाग के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यहाँ शराब व्यापार और उससे जुड़े मामलों की संख्या अधिक होती है।

जिला स्तर पर अधिकारियों की नियुक्तियाँ और स्थानांतरण

विभाग के फेरबदल में कई जिला आबकारी अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया गया है। इनमें कुछ महत्वपूर्ण तबादले इस प्रकार हैं:

  • तपन कुमार पांडे को चंपावत से हटाकर पौड़ी गढ़वाल का जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है।
  • दुर्गेश्वर त्रिपाठी को नैनीताल में सहायक आबकारी आयुक्त जनपदीय प्रवर्तन दल से हटाकर चमोली का जिला आबकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
  • कुंवर पाल सिंह को पौड़ी गढ़वाल से हटाकर देहरादून के जिला आबकारी अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • राजीव सिंह चौहान को उधम सिंह नगर से हटाकर सहायक आबकारी आयुक्त, देहरादून आबकारी आयुक्त के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
  • नाथूराम जोशी को जिला आबकारी अधिकारी उधम सिंह नगर बनाया गया है।
  • हरीश जोशी को सहायक आबकारी आयुक्त जनपदीय प्रवर्तन दल नैनीताल की जिम्मेदारी दी गई है।
  • कैलाश चंद्र बिंजोला से देहरादून जिला आबकारी अधिकारी का पद वापस लेते हुए उन्हें हरिद्वार का जिला आबकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।

अन्य अधिकारियों की नई तैनाती

इसके अलावा कुछ अन्य अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया है:

  • प्रमोद मैथानी को सहायक आबकारी आयुक्त हरिद्वार प्रवर्तन दल की जिम्मेदारी दी गई है।
  • राजेंद्र लाल को जिला आबकारी अधिकारी चंपावत बनाया गया है।
  • ताराचंद पुरोहित को सहायक आबकारी आयुक्त जनपदीय प्रवर्तन दल, उधम सिंह नगर की जिम्मेदारी दी गई है।

आबकारी विभाग में फेरबदल का उद्देश्य

इन स्थानांतरणों का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना और आबकारी विभाग की दक्षता बढ़ाना है। आबकारी विभाग का मुख्य कार्य शराब और अन्य नशीले पदार्थों के व्यापार पर निगरानी रखना, अवैध शराब के कारोबार को रोकना और सरकारी राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करना है।

उत्तराखंड में आबकारी विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर बदला जाता है ताकि वे अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर प्रशासनिक अनुभव प्राप्त कर सकें। यह फेरबदल इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि यह अधिकारियों को विभिन्न जिलों में अपने कर्तव्यों को प्रभावी ढंग से निभाने का अवसर देता है।

देहरादून को मिली नई जिम्मेदारी

देहरादून राज्य की राजधानी होने के कारण यहाँ की आबकारी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस बार कुंवर पाल सिंह को देहरादून का जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि वे यहाँ के आबकारी प्रशासन को अधिक मजबूत करेंगे।

वहीं, राजीव सिंह चौहान को सहायक आबकारी आयुक्त के रूप में देहरादून आबकारी आयुक्त कार्यालय में जिम्मेदारी दी गई है। इससे राजधानी में आबकारी मामलों की निगरानी और सख्त होगी।

हरिद्वार और उधम सिंह नगर पर विशेष ध्यान

हरिद्वार धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान होने के साथ-साथ आबकारी विभाग के लिए भी संवेदनशील जिला माना जाता है। इसलिए कैलाश चंद्र बिंजोला को हरिद्वार जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है।

वहीं, उधम सिंह नगर भी एक महत्वपूर्ण जिला है, जहाँ आबकारी विभाग की बड़ी चुनौतियाँ होती हैं। यहाँ नाथूराम जोशी को जिला आबकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।

तबादलों का संभावित प्रभाव

इन फेरबदल से उम्मीद की जा रही है कि उत्तराखंड में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी। जिन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ दी गई हैं, वे अपने अनुभव और कार्यशैली से विभाग की दक्षता को बढ़ाने में योगदान देंगे।

उत्तराखंड सरकार का यह निर्णय प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समय-समय पर इस प्रकार के फेरबदल किए जाते हैं ताकि अधिकारी विभिन्न जिलों में बेहतर अनुभव प्राप्त कर सकें और अपनी कार्यकुशलता से राज्य के आबकारी विभाग को और अधिक प्रभावी बना सकें।

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