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भगवानपुर में बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, रैली के जरिए दिया गया संदेश

भारत न्यूज़ लाइव

भगवानपुर। बाल विकास परियोजना भगवानपुर द्वारा सहयोगी संस्था नवीन जन कल्याण संस्थान के साथ मिलकर “बाल श्रम मुक्त उत्तराखण्ड अभियान” के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्था के कार्यालय में सम्पन्न हुआ, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों सहित संस्था के अनेक सदस्यों ने भाग लिया।

कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत में बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री मूर्ति सैनी ने बाल श्रम निषेध कानून की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से श्रम कराना पूरी तरह से अवैध है और यह समाज के लिए एक गंभीर अपराध है।

संस्था के सचिव नवीन चन्द्र कुरील ने ‘बाल श्रम प्रतिषेध संशोधन अधिनियम एवं विनियम 2016’ के अंतर्गत कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बाल और किशोर श्रमिकों के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए बताया कि किशोर श्रमिक वे होते हैं जिनकी उम्र 14 से 18 वर्ष के बीच होती है, जिन्हें कुछ निर्धारित कार्यों में अनुमति मिल सकती है, परंतु खतरनाक कार्यों में नहीं।

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उन्होंने चिंता व्यक्त की कि भगवानपुर क्षेत्र में कुछ प्रतिष्ठानों पर 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे कार्यरत हैं, जो कि गैरकानूनी है। उन्होंने बताया कि यदि किसी प्रतिष्ठान में ऐसा पाया जाता है, तो उस प्रतिष्ठान के मालिक पर ₹20,000 से ₹50,000 तक का जुर्माना और 6 माह से 2 वर्ष तक की जेल का प्रावधान है।

कार्यक्रम के उपरांत एक जागरूकता रैली निकाली गई जो यूनियन बैंक से प्रारंभ होकर तहसील मार्केट और पंचायत मार्केट होते हुए संस्था कार्यालय पर समाप्त हुई। रैली के दौरान लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया।

रैली के पश्चात सभी प्रतिभागियों को नाश्ता कराया गया और कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों में मूर्ति सैनी, बबिता, कविता रानी, तमन्ना, तनवीर, नजमा, रेखा, मंजू रानी, करिश्मा रानी, पंकज देवी, अनीता, अंजू शर्मा, ममतेश, मंगेश, बाला, बीना, मधु, मोनिका, निशा गर्ग, सरोज देवी, अनीता धीमान, गीता, सुधा, नीलम, अन्नू गोयल, ममता रानी, रचना, बीना शाह, कांता देवी, बबली, कविता, मुनेश,

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सुमन, पिंकी, कवरवती सहित यूनियन की सदस्याएँ और कार्यकर्ता रीता, सुधा, रूबी, शीलता, इसमकली अरविन्द कुमार , अभिषेक कुमार आदि उपस्थित रहीं। इस कार्यक्रम ने न केवल बाल श्रम की गंभीरता को उजागर किया बल्कि समुदाय को इसके विरुद्ध एकजुट होकर कदम उठाने का भी संदेश दिया।

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