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कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन सख्त, समयसीमा और गुणवत्ता पर विशेष जोर ।

नवीन चन्द्र कुरील ( चीफ एडिटर , भारत न्यूज़ लाइव )

हरिद्वार । कुंभ मेला 2027 को लेकर हरिद्वार में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मेला क्षेत्र में चल रहे स्थायी और अस्थायी कार्यों को तय समयसीमा में पूरा कराने के साथ उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर मेला प्रशासन ने विशेष जोर दिया है। कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखने के लिए अधिकारियों को नियमित रूप से मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने और रिपोर्ट मेला नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सोमवार को मेला नियंत्रण भवन में आयोजित बैठक में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कुंभ मेला से संबंधित निर्माण एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से अब तक किए गए स्थलीय निरीक्षण और विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मेलाधिकारी ने कहा कि कार्यों की गति के साथ उनकी गुणवत्ता की भी लगातार निगरानी जरूरी है।

उन्होंने कुंभ क्षेत्र में विभिन्न निर्माण स्थलों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी कार्यस्थलों पर लगे कैमरे लगातार संचालित रहें और उनके माध्यम से गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए।

कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन सख्त

बैठक में मेलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कुंभ मेले के लिए स्वीकृत सभी परियोजनाएं निर्धारित अवधि में पूरी होनी चाहिए। बड़ी योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए जरूरत पड़ने पर कार्यदायी संस्थाएं अतिरिक्त संसाधनों के साथ दिन-रात काम करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

सोनिका ने सभी प्रमुख कार्यों की नियमित थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी निर्माण या कार्य में कमी सामने आती है तो उसे तत्काल ठीक कराया जाए। गुणवत्ता में लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

कुंभ क्षेत्र में चल रहे कार्यों की निगरानी के लिए हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल के जिला स्तरीय अधिकारियों तथा उप जिलाधिकारियों को नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे केवल कार्य की प्रगति ही नहीं, बल्कि मौके पर उसकी गुणवत्ता का भी परीक्षण करें और निरीक्षण रिपोर्ट बिना देरी के मेला नियंत्रण कक्ष को भेजें।

मेलाधिकारी ने यह भी कहा कि निरीक्षण के दौरान यह देखा जाए कि निर्माण कार्य स्वीकृत डीपीआर के अनुरूप किए जा रहे हैं या नहीं। थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच में पहले सामने आ चुकी कमियों को दूर करने के बाद संबंधित स्थल पर सुधारात्मक कार्रवाई का भौतिक सत्यापन भी कराया जाए। आवश्यकता होने पर कार्यदायी संस्था से अलग अन्य विभागों के तकनीकी अधिकारियों और अभियंताओं की मदद लेकर स्वतंत्र गुणवत्ता परीक्षण कराया जा सकता है।

कुंभ मेला क्षेत्र के अलग-अलग सेक्टरों में शिविर, पार्किंग और अन्य सुविधाओं की तैयारियों को लेकर भी अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मेला भूमि की सफाई और समतलीकरण का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने को कहा गया है। प्रशासन ने इन अस्थायी कार्यों की निगरानी के लिए ड्रोन वीडियोग्राफी को भी जरूरी किया है। कार्य शुरू होने से पहले और पूरा होने के बाद संबंधित स्थान की ड्रोन रिकॉर्डिंग कराई जाएगी, ताकि कार्य की स्थिति का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।

हरिद्वार शहर के आंतरिक हिस्सों में पार्किंग स्थलों के चिन्हीकरण को लेकर भी बैठक में निर्णय लिया गया। इसके लिए अपर मेलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और एचआरडीए सचिव की समिति गठित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेन्द्र कुमार, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह, अधीक्षण अभियंता टेक्निकल सेल मनोज भट्ट, मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव और अधिशासी अभियंता पीआईयू प्रवीण कुश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीप रामचंद्र सेठ, एसडीएम हरिद्वार योगेश मेहरा, एसडीएम भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी, एसडीएम ऋषिकेश कुमकुम जोशी, एसडीएम यमकेश्वर चतर सिंह चौहान, एसडीएम नरेंद्रनगर आशीष घिल्डियाल और उप प्रभागीय वनाधिकारी पूनम कैंथोला सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

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