उत्तराखंडऋषिकेशक्राइमठगी

ऋषिकेश के व्यापारी को हनी ट्रैप में फंसा कर करोड़ों की ठगी: क्रिप्टो करेंसी निवेश का झांसा

भारत न्यूज़ लाइव

ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक कपड़ा व्यापारी को हनी ट्रैप में फंसा कर करोड़ों रुपए की ठगी का शिकार बना दिया गया। एक युवती ने व्यापारी से क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने का झांसा दिया, जिससे व्यापारी ने मोटी रकम निवेश कर दी। जब व्यापारी ने अपने निवेश से लाभ कमाने की कोशिश की, तो उसे पता चला कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। इस मामले में पीड़ित ने साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, और पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

हनी ट्रैप के जरिए व्यापारी से संपर्क

यह घटना जनवरी 2025 की है, जब ऋषिकेश निवासी एक कपड़े का व्यापारी फेसबुक पर एक युवती से संपर्क करता है। युवती ने फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से व्यापारी से बात शुरू की, और इसके बाद दोनों ने व्हाट्सएप पर भी संवाद किया। बातचीत के दौरान, युवती ने व्यापारी से यह कहा कि वह गोमती नगर, लखनऊ से है और उसका एक व्यवसाय दुबई में जिम उपकरणों का निर्माण करता है, जिसे उसके पिता चलाते हैं। इस तरह की कहानी बताकर युवती ने व्यापारी से विश्वास हासिल किया और दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ता गया।

युवती ने दी क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने का झांसा

बातचीत के दौरान युवती ने व्यापारी से यह दावा किया कि वह मुद्रा व्यापार के क्षेत्र में विशेषज्ञ है और उसे हमेशा अच्छा लाभ मिलता है। युवती ने व्यापारी को यह बताया कि उसके चाचा जेपी मॉर्गन अमेरिका में उप प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं, और उनके पास एक टीम है, जो डेटा विश्लेषण के माध्यम से व्यापार में लाभ प्राप्त करती है। युवती ने कहा कि उसका चाचा उसे इस व्यापार में मदद करता है और उसे हमेशा मुनाफा होता है।

इसके बाद, युवती ने व्यापारी को क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने का प्रस्ताव दिया। उसने व्यापारी को एक लिंक भेजा, जिसके माध्यम से व्यापारी ने खाता खोला और क्रिप्टो करेंसी में निवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी। युवती ने व्यापारी को यूएसडीटी (Tether) खरीदने के लिए कहा और इस निवेश में शामिल होने का आश्वासन दिया।

युवती के द्वारा दिए गए कस्टमर केयर नंबर का इस्तेमाल

युवती ने व्यापारी को एक कस्टमर केयर नंबर भी दिया, जिससे व्यापारी को यह विश्वास हुआ कि यह प्रक्रिया वास्तविक और सुरक्षित है। कस्टमर केयर ने व्यापारी से भुगतान विधि के बारे में पूछा, और व्यापारी ने यूपीआई (UPI) के माध्यम से भुगतान करने की इच्छा जताई। इस प्रक्रिया के बाद, व्यापारी ने अपनी पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये का भुगतान किया। इसके बाद, व्यापारी के वॉलेट में 10 हजार रुपये का मुनाफा ट्रांसफर कर दिया गया, जिससे उसे लगा कि यह निवेश प्रक्रिया सही है।

ठगी की शुरूआत और बढ़ता निवेश

सुरुआत में व्यापारी को अच्छे लाभ का अहसास हुआ और उसने इस निवेश प्रक्रिया में और अधिक पैसा लगाना शुरू कर दिया। युवती द्वारा दिए गए लिंक पर लगातार निवेश करते हुए व्यापारी ने मार्च 2025 तक दो करोड़ 67 लाख रुपये का निवेश किया। इस बीच, उसे यह विश्वास होने लगा कि क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर वह अच्छी कमाई कर रहा है। हालांकि, एक दिन व्यापारी ने देखा कि उसके डिजिटल वॉलेट में जमा किए गए पैसे को वह निकाल नहीं पा रहा था।

जब व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ

जब व्यापारी ने कस्टमर केयर से संपर्क किया और अपनी राशि निकालने की कोशिश की, तो कस्टमर केयर ने उसे यह बताया कि उसे अपने निवेश को निकालने के लिए 6 प्रतिशत सीमा शुल्क (custom duty) का भुगतान करना होगा। इस शुल्क की मांग ने व्यापारी को सशंकित कर दिया, और उसे यह समझ में आया कि यह एक ठगी का मामला हो सकता है। व्यापारी ने तुरंत साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, और पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी।

साइबर पुलिस की जांच

साइबर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर अपराध की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच में यह पाया गया कि युवती ने जानबूझकर व्यापारी को हनी ट्रैप में फंसाया और क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देकर बड़ी रकम ठग ली। पुलिस अब इस मामले में आरोपियों की तलाश कर रही है, और यह भी जांच कर रही है कि क्या यह एक संगठित ठगी का मामला है या फिर किसी एक व्यक्ति की करतूत है।

साइबर अपराध और डिजिटल ठगी के बढ़ते मामले

यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कैसे साइबर अपराधी विभिन्न तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। क्रिप्टो करेंसी, डिजिटल वॉलेट और ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। अपराधी सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों का इस्तेमाल करके लोगों से उनके पैसे हड़पने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं। इस मामले में भी, युवती ने व्यापार के नाम पर पीड़ित से लगातार संपर्क किया और धीरे-धीरे उसे लाखों रुपये की ठगी का शिकार बना दिया।

ठगी से बचने के उपाय

इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को किसी भी ऑनलाइन निवेश प्रस्ताव या व्यक्तिगत संपर्क से सतर्क रहना चाहिए, विशेष रूप से जब मामला किसी अपरिचित व्यक्ति से जुड़ा हो। साइबर अपराधियों के द्वारा दिए गए आकर्षक प्रस्तावों या निवेश योजनाओं से हमेशा दूरी बनानी चाहिए और किसी भी वित्तीय लेन-देन के लिए प्रमाणिकता की जांच करनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति यह दावा करता है कि वह एक निवेश योजना से अच्छा मुनाफा दे सकता है, तो उसके प्रस्ताव पर तुरंत विश्वास नहीं करना चाहिए।

साथ ही, अगर कोई व्यक्ति कस्टमर केयर के माध्यम से संपर्क करता है और आगे किसी प्रकार का शुल्क या भुगतान करने की बात करता है, तो यह एक संकेत हो सकता है कि मामला धोखाधड़ी का है। ऐसे मामलों में, तुरंत पुलिस से संपर्क करना और किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराना जरूरी है।

निष्कर्ष

ऋषिकेश के कपड़ा व्यापारी का हनी ट्रैप में फंसकर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला इस बात का प्रमाण है कि साइबर अपराधी आजकल अधिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहे हैं और लोगों को डिजिटल माध्यमों से ठगने के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे मामलों में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है ताकि लोग इस प्रकार के धोखाधड़ी से बच सकें। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, और उम्मीद है कि आरोपियों को शीघ्र ही पकड़ा जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *