
एडिटर , भारत न्यूज़ लाइव
देहरादून l जीएमएस रोड स्थित अलकनंदा एन्क्लेव में 76 वर्षीय ओएनजीसी के पूर्व इंजीनियर अशोक कुमार गर्ग का शव उनके घर के बाथरूम में मिला। यह घटना सोमवार रात करीब आठ बजे सामने आई, जब पुलिस को सूचना मिली कि किसी बुजुर्ग को गंभीर अवस्था में बाथरूम से कराहने की आवाजें आ रही हैं। पुलिस मौके पर पहुंची और घर का निरीक्षण किया। घर में सारी लाइटें जल रही थीं, और बाथरूम से आवाज आ रही थी। पुलिस ने बाथरूम में जाकर देखा, तो अशोक कुमार गर्ग घायल अवस्था में पड़े थे। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने जब शव का निरीक्षण किया, तो पाया कि बुजुर्ग के शरीर पर छाती और पेट में गहरे घाव थे, जो यह संकेत देते थे कि हत्या करने वाला व्यक्ति बेहद गुस्से में था। घावों के प्रकार से यह जाहिर होता है कि हमलावर ने बहुत आक्रामक तरीके से हमला किया। पुलिस के मुताबिक, गुस्से में किए गए इन घावों से यह प्रतीत होता है कि हमलावर ने किसी प्रकार की व्यक्तिगत रंजिश के तहत हमला किया। शरीर पर मिले घावों के कारण पुलिस को यह लगता है कि हमलावर ने लंबे समय तक गुस्से को दबाए रखा और मौका मिलते ही उसने अपने गुस्से का निकाल लिया।

अशोक कुमार गर्ग के पड़ोसियों के अनुसार, वह 1995 से इस इलाके में रह रहे थे और सभी से अच्छे रिश्ते थे। पत्नी के निधन के बाद वह अकेले रह रहे थे, लेकिन उनके घर में नियमित रूप से कोई न कोई होम डिलीवरी करने वाला आता था। पड़ोसी यह भी बताते हैं कि गर्ग का स्वभाव बहुत शांत था और उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। इस कारण पुलिस का ध्यान उन लोगों पर भी जा रहा है, जो अक्सर उनके घर आते थे, खासकर वे जो किसी सामान या भोजन की डिलीवरी करने आते थे। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है।
पुलिस इस मामले में कई दिशाओं में जांच कर रही है। घटनास्थल से कुछ साक्ष्य मिले हैं जो घटना से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन घावों के प्रकार से अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस को घर के भीतर एक टेबल पर कई तरह की दवाएं मिली हैं, जो यह संकेत देती हैं कि अशोक कुमार गर्ग को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रही होंगी। यह दवाएं उनके इलाज से जुड़ी हो सकती हैं। इस सबूत को ध्यान में रखते हुए पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी व्यक्ति ने उनके स्वास्थ्य का फायदा उठाकर इस हत्या को अंजाम दिया है।

पुलिस ने कहा है कि वह अगले 24 घंटे के भीतर और साक्ष्य जुटाने की कोशिश कर रही है, जो इस हत्या के रहस्य को हल करने में मदद कर सकते हैं। पुलिस के अधिकारियों का मानना है कि इस घटना में कई और पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जरूरत है, क्योंकि घावों का तरीका और हत्या की शैली से लगता है कि यह कोई योजनाबद्ध हत्या हो सकती है। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे और साक्ष्य सामने आएंगे, यह मामला जल्द ही सुलझ सकता है।

पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है। उनका मानना है कि इन साक्ष्यों से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है, जो हत्या के कारणों को स्पष्ट कर सकती है। पुलिस ने यह भी कहा कि कुछ समय में इस मामले में और दिशाएं सामने आ सकती हैं, जिनसे हत्या के पीछे के असली कारणों का खुलासा हो सकता है।
अशोक कुमार गर्ग की हत्या ने उनके इलाके के लोगों को हिलाकर रख दिया है। पड़ोसी उनके शांत और मददगार स्वभाव को याद करते हैं। उन्होंने बताया कि वह हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे और इलाके में किसी भी समस्या पर उनकी राय ली जाती थी। उनके निधन ने सभी को चौंका दिया है और इस हत्या के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने जल्द से जल्द अपराधी को पकड़ने के लिए अपनी जांच तेज कर दी है, और इस मामले में और सुराग जुटाने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं।


