एडिटर , भारत न्यूज़ लाइव
हरिद्वार: रानीपुर पुलिस और सीआईयू की टीम ने दोपहिया वाहन चोरी के मामलों का खुलासा करते हुए एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से चोरी की गई 13 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपी का नाम विकास कुमार है, जो 2022 में शिवालिक नगर में ज्वेलर्स के यहां डकैती में शामिल था। आरोपी के खिलाफ विभिन्न राज्यों में 11 मुकदमे दर्ज हैं। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों का सिलसिला
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि लगातार दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं को लेकर उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया था। चार नवंबर को शकील नामक व्यक्ति की बाइक पीठ बाजार सेक्टर-4 से चोरी कर ली गई थी। इस मामले में कोतवाली के प्रभारी कमल मोहन भंडारी और सीआईयू के प्रभारी दिगपाल सिंह कोहली के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई।
गिरफ्तारी और खुलासा
टीम ने चेकिंग के दौरान विकास कुमार को रेगुलेटर पुल सुमननगर के पास गिरफ्तार किया, जबकि वह पीठ बाजार से चोरी की गई बाइक के साथ था। आरोपी ने सख्त पूछताछ पर बताया कि वह 2022 में शिवालिक नगर स्थित अमन ज्वेलर्स में डकैती में शामिल था और जेल जाने के बाद चोरी की घटनाओं में शामिल हो गया।
आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कई जिलों—हरिद्वार, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, दिल्ली, हरियाणा से मोटरसाइकिलें चोरी कर चुका था। चोरी की गई बाइकें वह न्यू शिवालिक नगर के पास एक पुरानी बिल्डिंग में छिपा देता था। आरोपी ने इन बाइकों को रुड़की में बेचने की योजना बनाई थी।
जेल में चोरों से मिली और बाहर आकर शुरू की चोरी
इंस्पेक्टर कमल मोहन भंडारी के अनुसार, विकास कुमार जब जेल में था, तब उसकी मुलाकात कई अन्य चोरों से हुई थी, जिनसे उसने चोरी की योजना बनाई। जेल से बाहर आने के बाद, उसे बाइक चोरी करने के लिए अपने साथियों ने प्रेरित किया। वह मास्टर चाबी का इस्तेमाल कर सेक्टर-4, पीठ बाजार, बिजनौर और अन्य स्थानों से बाइकें चोरी करता था।
आरोपी का जीवन और अन्य जानकारी
आरोपी ने बताया कि वह पहले चूड़ी बेचने का काम करता था, ताकि लोगों की नजर में वह संदिग्ध न लगे। इसके अलावा, उसने सिडकुल की विभिन्न कंपनियों में काम भी किया था। आरोपी के खिलाफ डकैती, चोरी और गैंगस्टर सहित 11 मामले दर्ज हैं।
इस मामले में पुलिस की सक्रियता और तेज़ी से की गई कार्रवाई से दोपहिया वाहन चोरी की कई घटनाओं का पर्दाफाश हुआ है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


