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नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान करते हुए टेबल और कुर्सियां साफ करता दिख रहा है। इस घटना को लेकर जनता में गहरा आक्रोश है, और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
वीडियो का दावा और जनता की प्रतिक्रिया
वीडियो में दिखाया जा रहा है कि यह व्यक्ति आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले का डिप्टी रजिस्ट्रार है। इस वीडियो को साझा करते हुए कई यूजर्स ने इसे “राष्ट्रीय ध्वज का निंदनीय अपमान” बताया और संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार करने की मांग की। एक यूजर ने लिखा, “तिरंगे का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। इसे इतना शेयर करें कि इसकी अकड़ खत्म हो जाए।”
क्या है वीडियो की सच्चाई?
जांच में सामने आया कि यह वीडियो अनंतपुर का नहीं, बल्कि ओडिशा के सिमली पंचायत का है। वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कोई डिप्टी रजिस्ट्रार नहीं, बल्कि पंचायत का एग्जीक्यूटिव ऑफिसर प्रशांत कुमार स्वैन है। यह घटना करीब दो साल पुरानी है। उस समय प्रशांत कुमार ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी थी और कहा था कि यह गलती अनजाने में हुई।
कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी
इस घटना के बाद प्रशांत कुमार स्वैन के खिलाफ ओडिशा के पुरी जिले के कोनार्क पुलिस स्टेशन में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत मामला दर्ज किया गया था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया था, और बाद में माफी के बावजूद यह मामला गंभीरता से लिया गया।
राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान अनिवार्य
इस घटना ने एक बार फिर से यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई से ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। राष्ट्रीय ध्वज हमारे देश की एकता और गौरव का प्रतीक है, और इसका अपमान किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आपका क्या विचार है? क्या इस तरह की घटनाओं पर सख्त सजा होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।


