संबल में हिंसा: अखिलेश यादव ने साजिश और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया

भारत न्यूज़ लाइव
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में संबल हिंसा का मुद्दा उठाते हुए इसे एक “सुनियोजित साजिश” करार दिया। उन्होंने कहा कि संबल, जो हमेशा से भाईचारे का प्रतीक रहा है, वहां इस प्रकार की घटनाएं सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के उद्देश्य से की गई हैं।
शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण और ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब’ पर खतरा
अखिलेश यादव ने अदालत द्वारा शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण कराने के आदेश को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह निर्णय देश की ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब’ को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों की “खुदाई” के बारे में बार-बार की जाने वाली बातें इस सांस्कृतिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने का काम कर रही हैं।
प्रशासन पर आरोप और कार्रवाई की मांग
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने मामले में जल्दबाजी में काम किया है। अखिलेश ने अधिकारियों के निलंबन और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने सरकार पर संविधान का सम्मान न करने का आरोप भी लगाया।
अदालत का आदेश और इसके बाद की हिंसा
19 नवंबर को संबल के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ने एकपक्षीय आदेश देते हुए मस्जिद का सर्वेक्षण कराने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया। यह आदेश हिंदू पक्ष की याचिका पर दिया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि मस्जिद को मुगल बादशाह बाबर ने 1526 में मंदिर को तोड़कर बनवाया था।
इसके कुछ दिनों बाद, 24 नवंबर को क्षेत्र में हिंसा भड़क उठी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
संवेदनशील मुद्दों पर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील
अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए अपील की कि सरकार ऐसे संवेदनशील मामलों को सुलझाने में ध्यानपूर्वक और निष्पक्षता से काम करे।



