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किडनी में निशान बनना: क्या है किडनी स्कारिंग और इसके कारण व लक्षण

भारत न्यूज़ लाइव

किडनी स्कारिंग क्या है?
किडनी स्कारिंग, जिसे रीनल स्कारिंग भी कहा जाता है, किडनी के टिश्यू को होने वाली ऐसी क्षति है जो लंबे समय तक संक्रमण या सूजन के कारण बनती है। बार-बार होने वाले संक्रमण, अनियंत्रित उच्च रक्तचाप, या क्रॉनिक किडनी डिजीज की वजह से किडनी के टिश्यू में स्थायी निशान बन सकते हैं। यह स्कारिंग किडनी की कचरा छानने और तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने की क्षमता को कम कर देती है, जिससे किडनी की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है।

किडनी स्कारिंग के कारण
किडनी में निशान बनने का मुख्य कारण बार-बार का संक्रमण, लंबे समय तक उच्च रक्तचाप का प्रभाव, और क्रॉनिक किडनी डिजीज है। यदि समय पर इलाज न मिले तो यह स्थायी स्कारिंग का कारण बन सकती है और अंततः किडनी फेलियर का खतरा बढ़ा देती है।

लक्षण जो संकेत देते हैं किडनी स्कारिंग की ओर

  1. जी मिचलाना (Nausea)
    किडनी में टॉक्सिन्स के जमा होने से शरीर में विषाक्तता का स्तर बढ़ जाता है, जिससे जी मिचलाने की समस्या हो सकती है।
  2. थकान और कमजोरी
    किडनी की कम होती कार्यक्षमता और कचरे के बढ़ते स्तर के कारण शरीर में थकावट और कमजोरी महसूस हो सकती है।
  3. उच्च रक्तचाप
    किडनी स्कारिंग के कारण होने वाला उच्च रक्तचाप अक्सर मानक इलाज से नियंत्रण में नहीं आता है।
  4. सूजन
    हाथों, पैरों और चेहरे पर सूजन दिखाई दे सकती है, जो तरल पदार्थों के शरीर में रुकने के कारण होती है।
  5. मूत्र संबंधी बदलाव
    मूत्र की आवृत्ति में बदलाव, झागदार मूत्र, या खून आने जैसी समस्याएं भी किडनी स्कारिंग का संकेत हो सकती हैं।

किडनी स्कारिंग की समस्या से बचने के लिए समय रहते इसकी पहचान और इलाज आवश्यक है ताकि किडनी को अधिक नुकसान से बचाया जा सके।

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