
एडिटर , भारत न्यूज़ लाइव
उत्तराखंड राज्य में आगामी दिनों में शीत लहर का प्रकोप बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 17 दिसंबर से राज्य में शीत लहर चलने की संभावना है। हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद मौसम साफ हो गया था और लोगों को कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। जिसके कारण रातें और अधिक सर्द हो जाएंगी। उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में शीत लहर का देखने को मिलेगा।
मगर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस सप्ताह न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है जिसके चलते रातों को और अधिक सर्द पड़ेगी। उत्तराखंड राज्य में आगामी 17 दिसंबर के बाद तापमान में कमी आएगी और शीत लहर चलने की चेतावनी भी जारी कर दी गई है तथा आने वाले दिनों में ठंड और अधिक परेशान करेगी। बद्रीनाथ धाम में इन दिनों बर्फ नहीं है मगर ठंड काफी अधिक पड़ रही है जिसके कारण यहां झरने और उर्वशी धारा जम गई है और कुछ समय से बद्रीनाथ धाम में भी शीत लहर का प्रकोप बना हुआ है।

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बद्रीनाथ धाम में भी शीत लहर का प्रकोप बढ़ गया है। यहां तापमान में काफी गिरावट आई है और झरने और उर्वशी धारा जम गए हैं। बद्रीनाथ धाम में पर्यटकों को ठंड से बचाव के लिए उचित कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
राज्य सरकार ने भी शीत लहर को देखते हुए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासन ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
शीत लहर के दौरान इन बातों का रखें ध्यान:
- गर्म कपड़े पहनें: स्वेटर, जैकेट, मफलर, दस्ताने और टोपी पहनें।
- गर्म पेय पदार्थ लें: गर्म चाय, कॉफी या दूध का सेवन करें।
- खुद को गर्म रखें: हीटर या अंगीठी का उपयोग करें।
- खुले में कम से कम समय बिताएं: ठंड से बचने के लिए घर के अंदर ही रहें।
- बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें: उन्हें ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतें।
उत्तराखंड में शीत लहर का प्रकोप आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।


