देहरादून: IAS अधिकारी हरिश्चन्द्र सेमवाल फिर बने हास्य का पात्र, शराब की दुकान के विवाद में टकराव
शराब दुकान विवाद में हरिचंद सेमवाल की भूमिका: हास्य और गंभीरता का मिश्रण

नवीन चन्द्र कुरील (चीफ एडिटर, भारत न्यूज़ लाइव)
देहरादून: उत्तराखंड के वरिष्ठ IAS अधिकारी हरिश्चन्द्र सेमवाल एक बार फिर से सुर्खियों में हैं, जब उन्होंने एक शराब की दुकान को खुलवाने के लिए अपने समकक्ष डीएम देहरादून सविन बंसल के आदेश को चुनौती दी। डीएम ने स्थानीय शिकायतों के आधार पर शराब की दुकान का लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश के बाद, हरिचंद सेमवाल आबकारी सचिव ने निलंबन पर सवाल उठाते हुए शराब की दुकान को फिर से खोलने के निर्देश दे दिए, जिससे विवाद और बढ़ गया।
स्थानीय महिलाओं और बुजुर्गों ने राजपुर रोड बहल चौक पर स्थित शराब की दुकान के बारे में शिकायत की थी कि वहां खुले में शराब पिलाई जा रही है, जिससे उन्हें और युवतियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के मद्देनजर, डीएम ने एसडीएम सदर को जांच करने के निर्देश दिए। जांच में यह पुष्टि हुई कि दुकान के बेसमेंट में अवैध रूप से एक बार चल रहा था। इसके परिणामस्वरूप, डीएम ने उक्त शराब की दुकान के खिलाफ 5 लाख रुपये का चालान करते हुए लाइसेंस को 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया।
हालांकि, इस आदेश के तुरंत बाद आबकारी आयुक्त ने निलंबन को स्थगित करते हुए दुकान को खोलने के निर्देश दिए। डीएम ने इस टकराव पर चिंता जताते हुए आबकारी आयुक्त को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने पूछा कि निलंबन के आदेश को किस आधार पर निरस्त किया गया। इस विवाद ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए हरिचंद सेमवाल को फिर से हास्य का पात्र बना दिया है।



