वाहनों में हूटर लगाना हुआ आम, रोड पर हांव हांव करते वाहनों से जनता परेशान, सम्बंधित अधिकारी व पुलिस विभाग इस अपराध को कर रहे अनदेखी ।

नवीनचन्द्र कुरील ( चीफ एडीटर, भारत न्यूज लाइव )
हरिद्वार । किसी मंत्री को हूटर लगाने की अनुमति हो या न हो पर छुट भैया नेताओं ने रौब गालिब करने हेतु अपने-अपने वाहनों वाहनों में हूटर जरूर लगवा लिए हैं । उन्हें न तो कानून से मतलब है न ही जानने की आवश्यकता महसूस करते हैं । क्योंकि आज तक किसी अधिकारी ने इस सम्बंध में जनपद हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों में हूटर लगे वाहनों पर कोई कार्यवाही नहीं की। पुलिस विभाग एवं यातायात विभाग तो इस कार्यवाही में कोई रुचि नहीं रखता है। उच्च स्तरीय बैठकों में दुपहिया वाहनों पर चलने वाले दोनों त्यक्तियों को हेलमेट लगाना तथा चौपहिया वाहनों पर बैठने वालों को सभी को सीट बेल्ट न लगाने पर कार्यवाही का सख्त आदेश दिया जाता है। कैमरा लगाकर चालान का पैसा वसूला जाता है । पर हूटर पर मोटर साइकिल को रिक्शा बनाने पर, ओवर लोड पर कोई चालान नहीं गजब……….
बता दें कि जनपद हरिद्वार में कुछ छुट भैया नेता अपने वाहनों में हूटर लगवा रहे हैं । जब चलते हैं तो हूटर बजाते हैं जिससे आम जन मानस को यातायात में असुविधा का सामना करना पड़ता है। एक छुट भैया नेता का हूटर बजता देख जब सवाल किया गया तो छुट भैया नेता के साथी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इससे ग्रामीणों पर प्रभाव पड़ता है कि यह व्यक्ति किसी पद पर है। ठगी का कार्य करने में काफी आसानी हो जाती है। सरकारी योजनाओं में पैसा आसानी से मिल जाता है। आवश्यकता पड़ने पर विधायक के आगे पीछे चलते हैं तो ग्रामीण अंचल के लोगों पर प्रभाव पड़ता है। छुट भैया नेता के साथी ने यह भी बताया कि देश की ब्राण्डेड हो या गैर ब्राण्डेड यूनियन एक बार रसीद करने से हूटर बजाने की अनुमति , बोर्ड लगाने की अनुमति तथा साथ साथ कुछ प्रभावित क्षेत्रों में टोल टैक्स से छुटकारा मिल जाता है। हूटर कहीं भी बजाओ किसी भी सरकारी अधिकारी की औकात नहीं की विरोध में बोल दे । बात भी सही है क्यों कोई कंगना रनौत बनना चाहेगा। छुट भैया नेता का साथी बताता है हूटर बजाने वाले के घर के सामने ही कांग्रेस का कार्यालय है नजदीक ही थाना है । आज तक तो किसी की हिम्मत पड़ी न ही कि हूटर निकलवा दे। पुलिस भी मूक दर्शक बनकर देखती रहती है।
केन्द्रीय मोटर यान अधिनियम 119 में तय किया गया है जिसमें एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, आकस्मिक सेवा में चलने वाले वाहन तथा परिवहन विभाग के अफसरों के वाहनों पर हूटर लगाया जा सकता है । राज्य सरकार के नियम में भी ऐसा ही है । इसके बावजूद भी नियम का पालन नहीं हो रहा है l आखिर इसका जिम्मेवार कौन है?………….



