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लक्सर में निर्दलीय विधायक उमेश कुमार और पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन के बीच का विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। 29 जनवरी को गुर्जर समाज की महापंचायत रद्द होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग चैंपियन के लंढौरा स्थित रंगमहल में पहुंच गए थे। वहीं, 31 जनवरी को निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने ब्राह्मण समाज की बैठक बुलाई थी, जिसे बाद में उन्होंने रद्द कर दिया। लेकिन इस फैसले के बावजूद उनके समर्थकों का हुजूम लक्सर पहुंचा, जिससे पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस ने विधायक उमेश कुमार को लिया हिरासत में
जब उमेश कुमार अपने समर्थकों के साथ बैठक में शामिल होने के लिए निकले, तो डोईवाला पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उमेश कुमार की गिरफ्तारी की खबर सुनकर उनके समर्थक गुस्से में आ गए और लक्सर में उनके कार्यालय के पास एकत्र होने लगे।
पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, लेकिन समर्थकों की भीड़ उमेश कुमार को रिहा कराने की मांग पर अड़ी रही। जब समर्थकों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया।
समर्थकों पर लाठीचार्ज, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
लक्सर में माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा है। उमेश कुमार के समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा पत्थरबाजी भी की गई, जिससे माहौल और ज्यादा गरमा गया।
एक वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ अराजक तत्व पुलिस पर पत्थर फेंक रहे हैं, जबकि पुलिस बल उन्हें रोकने का प्रयास कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है कि पत्थरबाजी में शामिल लोग कौन थे और उनका उद्देश्य क्या था।
लक्सर में सुरक्षा कड़ी, बैरिकेड्स लगाए गए
लक्सर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।
- मुख्य बॉर्डर सील: खानपुर बॉर्डर, बालावाली बॉर्डर और रुड़की तिराहा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
- बैरिकेडिंग: रास्तों को बंद करने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए हैं, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
- आवागमन प्रतिबंधित: पुलिस ने मार्गों को अवरुद्ध करने के लिए ट्रक और डंपर भी खड़े कर दिए हैं ताकि कोई वाहन अंदर प्रवेश न कर सके।
इस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद उमेश कुमार के समर्थक किसी न किसी तरह लक्सर पहुंचने में कामयाब हो गए, जिससे पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
पुलिस ने उमेश कुमार के कार्यालय पर लगाया प्रतिबंध
विधायक उमेश कुमार के कार्यालय के बाहर पुलिस और पीएसी बल तैनात कर दिया गया है।
- किसी भी व्यक्ति को कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं है।
- हर आने-जाने वाले की कड़ी पूछताछ की जा रही है।
- समर्थक उमेश कुमार को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की मांग कर रहे हैं।
चैंपियन-उमेश कुमार विवाद में नया मोड़
लक्सर में उमेश कुमार और कुंवर प्रणव चैंपियन के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों नेताओं के समर्थक आमने-सामने आ चुके हैं। पहले 29 जनवरी को गुर्जर समाज की महापंचायत का आयोजन किया गया था, जिसे प्रशासन ने रद्द कर दिया था, लेकिन बड़ी संख्या में लोग लंढौरा रंगमहल पहुंच गए थे। अब 31 जनवरी को उमेश कुमार की बैठक रद्द होने के बावजूद उनके समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पुलिस प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गई।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर विभिन्न राजनीतिक दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
- भाजपा: भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन के कदमों का समर्थन किया है।
- कांग्रेस: कांग्रेस ने इसे सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि प्रशासन दोनों पक्षों को नियंत्रित करने में नाकाम रहा है।
- स्थानीय लोग: इस विवाद से आम नागरिकों को भी काफी परेशानी हो रही है। बाहर से आने वाले लोग जाम में फंसे हुए हैं और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
- अतिरिक्त पुलिस बल को लक्सर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
- इंटरनेट सेवाएं बाधित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की जा रही है ताकि अफवाहें न फैलाई जा सकें।
- स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।
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