भू-माफियाओं पर नकेल: रौलाकोट में जमीन बिक्री पर ग्राम पंचायत की अनिवार्य मंजूरी लागू
विक्रम सिंह कठैत ( एडिटर) ,भारत न्यूज़ लाइव
टिहरी: कहा जाता है कि भारत की आत्मा उसके गाँवों में बसती है। इसी आत्मा और अपनी मातृभूमि की पवित्रता को बचाने के लिए टिहरी जनपद में ग्रामीणों ने एक सराहनीय पहल की शुरुआत की है। रौलाकोट ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि अब उनके गाँव की सीमा के भीतर कोई भी भू-माफिया ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना किसी ग्रामीण की पुस्तेनी जमीन नहीं खरीद सकेगा। ग्राम प्रधान अरविंद प्रसाद नौटियाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
टिहरी झील के किनारे बसे प्रतापनगर क्षेत्र में लंबे समय से जमीनों की खरीद-फरोख्त को लेकर विवाद चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि भू-माफियाओं ने सरकारी तंत्र के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से गरीब ग्रामीणों की जमीनें बेहद कम कीमत पर खरीद ली हैं, साथ ही कई मामलों में फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराकर दाखिल-खारिज भी अपने नाम करवा लिया गया है। यही नहीं, खरीदी गई जमीनों पर बेतरतीब ढंग से जेसीबी से कटिंग कर शांत पहाड़ियों का प्राकृतिक स्वरूप बिगाड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भू-स्खलन की आशंका बढ़ गई है।
रौलाकोट के ग्राम प्रधान अरविंद प्रसाद नौटियाल ने बताया कि गाँव के वातावरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि भूमाफिया शांत पहाड़ी क्षेत्रों का माहौल खराब कर रहे हैं, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि पलायन जैसी समस्याएँ भी बढ़ रही हैं। इसलिए ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि अब कोई भी व्यक्ति अपनी पुश्तैनी जमीन भू-माफियाओं को नहीं बेचेगा।
यदि किसी ग्रामीण को मजबूरी में अपनी जमीन बेचनी पड़ती है, तो विक्रेता और खरीददार दोनों को ग्राम पंचायत को इसकी पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई ग्रामीण आर्थिक संकट के कारण जमीन बेचने की स्थिति में आ जाता है, तो गाँव के लोग आपसी सहयोग से उसकी मदद करेंगे ताकि उसे अपनी विरासत में मिली जमीन न बेचनी पड़े और उसकी आजीविका सुरक्षित रह सके।
ग्राम प्रधान ने यह भी स्पष्ट किया कि तहसील स्तर पर भूमि के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में ग्राम प्रधान से सत्यापन के लिए नोटिस भेजा जाता है। ऐसे में ग्राम पंचायत की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने क्षेत्र में हो रही हर गतिविधि पर नजर रखे और गलत कार्यों का विरोध करे। बैठक में यह भी तय किया गया कि रौलाकोट पंचायत क्षेत्र में अगर कोई भी व्यक्ति जमीन के क्रय-विक्रय की जानकारी पंचायत से छिपाता है, तो उसके विरुद्ध बैठक में तय नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस निर्णय को ग्रामीणों में काफी समर्थन मिला है और इसे गाँव की एकता एवं संरक्षण की दिशा में मजबूत कदम माना जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है और जब तक गाँव सुरक्षित रहेंगे, देश की सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर भी सुरक्षित रहेगी। ग्रामीण विकास ही देश के समग्र विकास की नींव है, क्योंकि आज भी लगभग 65 से 70 प्रतिशत आबादी गाँवों में रहती है।
बैठक में ग्राम पंचायत सदस्य कविता देवी, सविता देवी, पूनम देवी, रेखा देवी, मकानी देवी, गुड्डी देवी, ममता देवी सहित समरवीर सिंह, उत्तम धनाई, श्रीराम, जगमोहन सिंह, बसंत लाल, मस्तराम, धीरज आदि उपस्थित रहे। ग्राम पंचायत अधिकारी नीरज रतूड़ी भी बैठक में सम्मिलित रहे।



