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देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित UKSSSC भर्ती परीक्षा घपले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए आगे बढ़ रहा है। इस प्रकरण में अवैध पैसों के लेन-देन को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी की देहरादून टीम ने जांच शुरू कर दी है।
ईडी ने मांगे महत्वपूर्ण दस्तावेज
ईडी ने पुलिस से स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा घपले से संबंधित मुकदमे और जांच के दस्तावेज मांगे हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों को तलब किया जाएगा। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएससी) ने 4-5 दिसंबर 2021 को विभिन्न विभागों में 854 पदों के लिए स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का आयोजन किया था। इसके बाद बेरोजगारों ने भर्ती में धांधली का आरोप लगाया था, जिसके चलते आयोग के तत्कालीन अनुसचिव राजन नैथानी ने पुलिस को तहरीर दी।
एसटीएफ की गिरफ्तारी और चार्जशीट
पुलिस की कार्रवाई के तहत, एसटीएफ ने भर्ती घपले का पर्दाफाश करते हुए 47 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस जांच में सचिवालय रक्षक, वन दरोगा और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चयन परीक्षा-2016 में भी घपले की पुष्टि हुई है। चारों मामलों में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है।
आरोपी और पेपर की अवैध बिक्री
इस मामले में कुल 62 आरोपियों को चार भर्ती परीक्षा घपलों में गिरफ्तार किया गया है। इनमें वन दरोगा परीक्षा से आठ, सचिवालय रक्षक भर्ती से एक और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चयन परीक्षा से छह आरोपी शामिल हैं। पेपर छापने वाली लखनऊ की प्रिंटिंग प्रेस से लेकर आयोग के अधिकारियों की भूमिका सामने आई है, जहां लाखों रुपये लेकर पेपर बेचा गया।
हाकम सिंह की मुश्किलें बढ़ने की संभावना
भर्ती परीक्षा घपले में पूर्व भाजपा नेता हाकम सिंह का नाम भी सामने आया है, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया। 24 आरोपियों पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें कोर्ट में सुनवाई जारी है। गैंगस्टर में शामिल आरोपियों में हाकम के साथ सैयद सादिक मूसा और पेपर छापने वाली कंपनी के मालिक राजेश कुमार चौहान भी शामिल हैं।
ईडी की मांग और आगे की कार्रवाई
ईडी ने इस मामले में मुकदमे से लेकर चार्जशीट, आरोपियों के नाम-पते, संपर्क नंबर और जब्त सामग्री का ब्योरा मांगा है। इसके लिए ईडी के अधिकारियों ने हाल ही में एसटीएफ और देहरादून जिला पुलिस को पत्र भेजा है, ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके।


