टिहरी में पहली बार ईगास बग्वाल का भव्य आयोजन, “शराब नहीं संस्कार” थीम रही आकर्षण का केंद्र l

विक्रम सिंह कठैत ( एडिटर) ,भारत न्यूज़ लाइव
टिहरी गढ़वाल। उत्तराखण्ड के लोकपर्व ईगास बग्वाल (बूढ़ी दिवाली) के अवसर पर शनिवार को बौराडी स्टेडियम, नई टिहरी में पहली बार “टिहरी की ईगास बग्वाल” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ पहुंची जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने सभी को ईगास बग्वाल की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाई गई रंगोली का निरीक्षण किया, भैला का पूजन कर भैला खेला तथा रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि हमारे स्थानीय लोकपर्व हमारी सभ्यता और संस्कृति के प्रतीक हैं। इनके माध्यम से जहां आपसी मेल-जोल बढ़ता है, वहीं शरीर और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। उन्होंने कहा कि लोकपर्वों के जरिए समाज को अपनी जड़ों से जोड़ना बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम को विशेष बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद नई टिहरी के तत्वाधान में नवयुवक अभिनव श्री रामकृष्ण लीला समिति, टिहरी सांस्कृतिक कार्य समिति, महिला स्वयं सहायता समूह, ग्रीन हिमालय एवं क्लीन हिमालय ने संयुक्त रूप से आयोजन किया। आयोजन की सबसे विशेष बात यह रही कि “शराब नहीं, संस्कार” की थीम के साथ इसे पूर्णत: नशामुक्त और संस्कार आधारित उत्सव के रूप में मनाया गया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को लोकसंस्कृति के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली का संदेश भी मिल सके।
इस पहल के माध्यम से आयोजकों ने त्योहारों को शराब से दूर रखते हुए संस्कार, स्वच्छता, समरसता और सांस्कृतिक संरक्षण को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया। समाज में जागरूकता फैलाने की इस सकारात्मक मुहिम के लिए कार्यक्रम आयोजकों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी गई। उपस्थित नगरवासी और गणमान्य जनों ने भी इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आने वाले समय में सामाजिक बदलाव की दिशा तय करेंगे।
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, सीएमओ श्याम विजय, डीडीओ मो. असलम (परिवार सहित), डीटीडीओ एस.एस. राणा, अपर समाज कल्याण अधिकारी के.एस. चौहान सहित सभासदगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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