अरुणाचल प्रदेशअसमआंध्र प्रदेशआँध्रप्रदेशउत्तरकाशीउत्तरप्रदेशउत्तराखंडओडिशाकर्नाटककेरलकोलकातागुजरातगोवाछत्तीसगढ़झारखंडतमिलनाडुतेलंगानात्रिपुरादेशदेहरादूननागालैंडपंजाबपश्चिम बंगाल ,पिथौरागढ़बिहारमणिपुरमध्य प्रदेशमध्यप्रदेशमहाराष्ट्रमिज़ोरममेघालयराजस्थानविदेशहरिद्वारहरियाणाहिमाचल प्रदेश
Trending

टीयूसीसी ने श्रम संहिताओं के प्रति समर्थन दोहराया, फर्जी प्रचार करने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी l

नवीन चन्द्र कुरील ( चीफ एडिटर , भारत न्यूज़ लाइव )

कोलकाता l ट्रेड यूनियन को -ऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी) ने चारों श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन के प्रति अपने समर्थन को एक बार फिर स्पष्ट रूप से दोहराया है। संगठन ने उन भ्रामक प्रयासों की भी कड़ी निंदा की है, जिनमें कुछ लोग यह दर्शाने का प्रयास कर रहे हैं कि टीयूसीसी श्रम संहिताओं के खिलाफ है।

नई दिल्ली में आयोजित टीयूसीसी के 12वें राष्ट्रीय सम्मेलन में श्री हंसराज अकेला को लगातार चौथी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष और श्री एस. पी. तिवारी को छठी बार महासचिव चुना गया। सम्मेलन में देशभर के श्रमिकों के हित और कल्याण के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर सकारात्मक एवं रचनात्मक सहयोग जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।

टीयूसीसी ने स्पष्ट किया है कि श्री जी. आर. शिवशंकर द्वारा स्वयं को टीयूसीसी नेता बताकर फैलाया जा रहा कोई भी कथन पूरी तरह से झूठा और गुमराह करने वाला है। ट्रेड यूनियन को -ऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी) के महामंत्री एस. पी. तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी कि श्री शिवशंकर को 10 वर्ष पूर्व टीयूसीसी से निष्कासित कर दिया गया था और वर्तमान में उनका संगठन से कोई संबंध नहीं है। टीयूसीसी के राष्ट्रीय महामंत्री ने यह भी संदेह जताया कि कुछ लोग उनके हस्ताक्षर कॉपी-पेस्ट कर गलत जानकारी फैला रहे हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे अनधिकृत और झूठे बयानों का प्रसार जारी रहा, तो टीयूसीसी कठोर कानूनी कार्रवाई करने को बाध्य होगा।

टीयूसीसी के राष्ट्रीय महामंत्री ने बताया कि टीयूसीसी ने कल ही एक आधिकारिक बयान जारी कर श्रम संहिताओं के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री मनसुख मंडाविया के साथ हुई बैठक में संगठन ने सरकार को आश्वस्त किया कि वह श्रमिक कल्याण को मजबूत करने तथा उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए सभी रचनात्मक पहलों में सहयोग करेगा।

संगठन का मानना है कि श्रम संहिताओं के प्रभावी कार्यान्वयन से न केवल देश के श्रमिकों का हित सुनिश्चित होगा, बल्कि उद्योगों में विश्वास बढ़ेगा, व्यापार सुगमता में सुधार होगा और अधिक निवेश आकर्षित होगा। टीयूसीसी के अनुसार, यह प्रगतिशील कदम भारत की आर्थिक प्रगति को गति देगा और देश को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेगा।

टीयूसीसी ने श्रम संहिताओं के प्रति समर्थन दोहराया

Read Also : http://राष्ट्रीय सनातन शक्ति प्रमुख जीतू रंधावा के नेतृत्व में कोल्हू पानी प्रेम नगर वासियों ने किया अवैध कब्जे का विरोध

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *